मदर टेरेसा की प्रशंसा तो अटल-आडवाणी ने भी की, फिर भाजपा को ऐतराज क्यों ? – कैलाश यादव
- Upendra Gupta
- 26 जुल॰ 2025
- 2 मिनट पठन

रांची डेस्क
रांची ( RANCHI) : राजद महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मदर टेरेसा क्लीनिक खोलने के फैसला का तहेदिल से प्रशंसा किया है. राजद नेता ने कहा कि मदर टेरेसा क्लीनिक खोलने के फैसले के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेता पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास जैसे नेता ओछी राजनीति का परिचय दे रहे हैं. राज्य सरकार के द्वारा अटल क्लीनिक का नाम बदल कर मदर टेरेसा क्लीनिक नाम करने का झारखंड अस्मिता के लिए भाजपा नेताओं को स्वागत करना चाहिए. जहां तक नाम बदलने की बात हो तो आजाद भारत में सबसे ज्यादा नाम बदलने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा मुख्यमंत्रियों द्वारा किया गया है. विगत समय में देश के अनेकों सम्मानित विभूतियों एवं प्रतीकों का नाम बदला गया है.
वाजपेयी और आडवाणी ने मदर टेरेसा की प्रशंसा की
इन लोगों को अपनी यादाश्त मजबूत करने की आवश्यकता है क्योंकि इन्हें याद होना चाहिए कि भाजपा के संस्थापक नेता देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी एवं उप प्रधानमंत्री व गृहमंत्री रहे लालकृष्ण आडवाणी ने मदर टेरेसा से मुलाकात कर उनके अतुल्नीय एवं ऐतिहासिक कार्यों का प्रशंसा कर अपने आप को बड़े प्रशंसक बताया था.
त्याग तपस्या और संघर्ष की प्रतिमूर्ति थी मदर टेरेसा
रादज नेता ने कहा कि मदर टेरेसा त्याग तपस्या और संघर्ष की प्रतिमूर्ति हैं उन्होंने कम उम्र समय से ही सामाजिक कार्यों में रुचि दिखाई. उन्होंने कैथोलिक संत एवं नन के रूप करुणा और प्रेम का संदेश दिया जिसके चलते उन्हें मनता की मूर्ति और विश्व की मां का संज्ञा मिला. मदर टेरेसा अपना पूरा जीवन सहयोगियों के साथ कुष्ठ रोगियों के लिए वृद्धाश्रम कॉलोनी गरीब भूखे अनाथ बेसहारा के लिए घर गंभीर बीमार लोगों के लिए धर्मशालाएं बनवाने जैसे अनेकों कार्यों में समर्पित कर दिया.
वे निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा की ओर करुणा एवं प्रेम से ममता की मूर्ति बन कर कार्य करते रही. मदर टेरेसा निर्भीकता पूर्ण एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों की देखभाल करती थी. ऐसे कार्यों के मदर टेरेसा को काफी प्रशंसा मिली.मदर टेरेसा को वर्ष 1979-80 में भारत के लोगों के प्रति उनकी मानवीय सेवाओं के लिए भारत सरकार ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान नोबेल शांति पुरस्कार एवं भारत रत्न से सम्मानित किया.





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