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BIG BREAKING : आतंकवाद पर भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, पाक बेनकाब, चीन का बदला सुर, सभी ने की निंदा, पढ़िए पूरी खबर

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 1 सित॰ 2025
  • 2 मिनट पठन



रांची डेस्क

रांची (RANCHI ) : चीन के तियानजिन में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन ( एससीओ समिट ) में पीएम मोदी के प्रयासों से भारत को तब सबसे बड़ी सफलता मिली है जब साझा बयान में सभी देशों ने एक स्वर में आतंकवाद की घोर निंदा की. आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की यह अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है.

आपको याद होगा कि इसी साल जून में जब एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक हुई थी, तब उसमें पहलगाम आतंकी हमले को साझा बयान में शामिल नहीं करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ज्वाइंट स्टेटमेंट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था. लेकिन पीएम मोदी के कड़े रूख के बाद आतंकवाद के मुद्दे पर शिखर सम्मेलन में इस बार पहलगाम हमले की एक स्वर से निंदा की गई. 


पाकिस्तान हुआ बेनकाब तो चीन का बदला सुर

एससीओ समिट की बैठक पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ भी मौजूद हैं और उनके सामने ही पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आतंकवाद के मुद्दे को खूब जोरदार तरीके ससे उठाया और बिना नाम लिए पाकिस्तान को खूब खरी-खरी सुनाई थी, जिससे पाकिस्तान पूरी तरह बेनकाब हुआ. इतना ही नहीं पीएम मोदी चीन का रूख भी बदलवाने में कामयाब रहे. जो अभी तक पहलगाम हमले को किसी बहुपक्षीय मंच से उठाने से हिचकिचाता रहा है. बैठक से पहले चीनी राष्ट्रपति से भी आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी ने अपने कड़े रूख को साफ कर दिया था. जिससे चीन भारत के तंकवाद के मुद्दे पर सहमति दिखाने में देर नहीं की.

 


शंघाई शिखर सम्मेलन आतंकवाद के खिलाफ – जिनपिंग

एससीओ बैठक को संबोधित करते हुए चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि यह संगठन आतंकवाद, अलगाववाद , उग्रवाद के खिलाफ है. इशारों ही इशारों में यह पाकिस्‍तान को कड़ा संदेश है, जो आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह रहा है.  

आतंकवाद पर दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं – मोदी

शंघाई शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद को दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया. पीएम मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने ही कहा कि पहलगाम में दुनिया ने आतंक का घिनौना रूप देखा. उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद का दंश झेल रहा है और आतंकवाद पर दोहरा रवैया नहीं चलेगा.पीएम मोदी ने यहां कहा, "भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है.इस दुख की घड़ी में जो मित्र देश हमारे साथ खड़े रहे मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं."

 

 

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