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दुल्हन की तरह सजा है बिमलगढ़ रेलवे स्टेशन, पर रेलवे अस्पताल बदहाल, रेलकर्मियों में नाराजगी

15 सित. 2025

2 मिनट का लेख

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राउरकेला ( RAURKELA) : कहावत है कि “स्वास्थ्य ही संपत्ति है”, लेकिन चक्रधरपुर रेलमंडल के बिमलगढ़ रेलखंड में यह कहावत एक परिहास से अधिक कुछ नहीं लगती है. यहां रेलवे की तमाम सुविधाएँ मौजूद हैं, मगर स्वास्थ्य सुविधा आज भी बदहाल है. आगामी 17 सितंबर को बिमलगढ़ रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत किए गए उन्नयन कार्यों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन करेंगे. लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का कायाकल्प किया गया है और इसकी रूपरेखा अब पूरी तरह बदल चुकी है. स्टेशन को आधुनिक और आकर्षक रूप में सजाया जा चुका है. लेकिन स्टेशन के इस कायाकल्प के बावजूद यहां कार्यरत रेलकर्मी और उनके परिजन मायूस नजर आ रहे हैं. कारण है, बिमलगढ़ रेलवे अस्पताल की जर्जर स्थिति.

 

सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे रेलवे अस्पताल

बिमलगढ़ रेलवे अस्पताल लंबे समय से सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा हैं. अस्पताल में न तो नर्स है, न ही पर्याप्त डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी. साथ ही यहाँ ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी चिकित्सा सुविधाएँ कोई सपना से कम नहीं हैं. ऐसे स्थिति में रेलकर्मियों और उनके परिजनों को इलाज के लिए हमेशा दूरस्थ स्थानों का रुख करना पड़ता है. कई बार आपात स्थिति में समय पर उपचार न मिलने से गंभीर समस्याएँ भी खड़ी हो जाती हैं.

रेलकर्मियों का कहना है कि जब अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन को दुल्हन की तरह सजाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा सकते हैं, तो फिर अस्पताल को आधुनिक बनाने और स्वास्थ्य सेवाएँ सुधारने में रेल प्रशासन कोई रुचि क्यों नहीं दिखा रहा है? कर्मचारियों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन स्टेशन की खूबसूरती और ढांचागत विकास पर तो करोड़ों खर्च कर रहा है, लेकिन कर्मचारियों के जीवन और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों की अनदेखी कर रहा है। इससे रेलकर्मियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है. स्थानीय रेलकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अस्पताल की सुविधाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो वे आंदोलन का सहारा लेने के लिए बाध्य होंगे.

15 सित. 2025

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