
मनरेगा कानून को बदलने और नेशनल हेराल्ड मामले में जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर भाजपा ने लोकतंत्र का चीरहरण किया –कांग्रेस
22 दिस. 2025
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न्यूज डेस्क
रांची ( RANCHI) : राष्ट्रीय कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल ने कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक तरफ भाजपा ने मनरेगा कानून को बदल दिया दूसरी तरफ नेशनल हेराल्ड मामले में जांच एजेंसी का दुरुपयोग करके वर्षों तक सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी को बदनाम करने की साजिश की गई. दोनों घटनाओं में भाजपा ने लोकतंत्र का चीरहरण किया है.
कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल ने कहा कि मोदी सरकार ने लगातार पिछले 11 वर्षों से साजिशन व्यवस्थित तरीके से मनरेगा को कमजोर किया, पिछले 5 वर्षों में मनरेगा 50-55 दिन का रोजगार देने तक सिमट गया.मनरेगा सिर्फ महात्मा गांधी का नाम बदलने का मामला नहीं बल्कि उस अधिकार को खत्म किया गया. जिसे कांग्रेस ने कानून के रूप में सुनिश्चित किया था. मनरेगा के लिए तैयार मसौदे को जिस स्थायी समिति के पास भेजा गया उसके अध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता कल्याण सिंह थे. मनरेगा से प्रतिवर्ष 5 करोड़ परिवारों को रोजगार मिला यह उनके आत्मसम्मान का अधिकार था,यह कानून संविधान के अनुच्छेद 21 से मिलने वाले अधिकारों पर आधारित गारंटी थी. मनरेगा में कुल खर्च का 90% केंद्र सरकार देती थी नए कानून में केंद्र राज्य का अनुपात 60ः40 कर दिया गया है,मोदी सरकार राज्यों पर 50000 करोड़ से अधिक का बोझ डालने वाली है जो राज्यों की आर्थिक नींव को हिला देगा.
उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड का मामला कोई आर्थिक घोटाला नहीं था, बल्कि राजनीतिक साजिश थी, अदालत का फैसला कानून संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में है. इसमें ना किसी सरकारी धन का दुरुपयोग था न किसी व्यक्तिगत संपत्ति की हेरा फेरी ना किसी का आर्थिक लाभ था लेकिन जबरन इसे घोटाले का रंग देने की कोशिश की गयी. सीबीआई ने 2014 एवं 2015 में ही स्पष्ट कर दिया था कि इस मामले में एफआइआर के लायक कोई मूल अपराध नहीं है,ईडी ने भी इसे मानते हुए कोई जांच प्रारंभ नहीं की 2021 में केंद्र सरकार के निर्देश पर बदले की भावना से ईडी ने जांच शुरू की इसे अदालत ने राजनीतिक बदले का उदाहरण माना.
भारत की आत्मा गांधी नेहरू और अंबेडकर से अलग नहीं की जा सकती
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव मह तो कमलेश ने कहा कि गांधी अंबेडकर नेहरू की साझा विरासत पर टिकी हमारी लोकतांत्रिक और संवैधानिक परंपरा को भाजपा आरएसएस धीरे-धीरे कुतरना चाहते हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी विडंबना यही है कि वह चाहे जितना मिटाने घटाने या बदनाम करने की कोशिश कर ले भारत की आत्मा गांधी नेहरू और अंबेडकर से अलग नहीं की जा सकती,इन नामो को हटाकर कोई नया भारत नहीं गढ़ा जा सकता क्योंकि इसी विरासत पर यह लोकतंत्र, संविधान और यह देश खड़ा है. गांधी अंबेडकर और नेहरू के नाम उनके विचारधारा उनके नाम लेने वालों से चीढ़ और नफरत भाजपा आरएसएस के विचारधारा का केंद्रीय तत्व है और यह चीढ़ और नफरत समय-समय पर सामने आती रहती है.
संवाददाता सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, राजेश कच्छप राकेश सिन्हा,सोनाल शांति उपस्थित थे.











