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25 से 31 दिसंबर तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा करेगी अटल स्मृति सम्मेलन

22 दिस. 2025

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न्यूज डेस्क

रांची ( RANCHI) : भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में सांगठनिक बैठक संपन्न हुई. बैठक में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग,प्रदेश प्रभारी सांसद डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह,प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा,मनोज कुमार सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए.

मीडिया से बात करते हुए प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने कहा कि बैठक में अटल जन्म शताब्दी वर्ष को बूथ स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाने का निर्णय हुआ है. श्री साहू ने बताया कि 24 दिसंबर को सभी स्थानों पर अटल जी की प्रतिमा की सफाई की जाएगी. शाम को दीपोत्सव मनाया जाएगा. आगामी 25 से 31 दिसंबर तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में अटल स्मृति सम्मेलन. आयोजित किए जाएंगे. इसके साथ ही सभी जिलों  में सात दिनों तक अटल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चित्र प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे. अटल स्मृति वर्ष कार्यक्रम की प्रदेश टोली के संयोजक  प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय,सह संयोजक अनंत ओझा,सरोज सिंह,सुनीता सिंह,शिवपूजन पाठक,योगेंद्र प्रताप सिंह,रमाकांत महतो,अविनेश कुमार शामिल हैं.

 श्री साहू ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी राम विरोधी, विकसित भारत विरोधी पार्टी है.कांग्रेस को घुसपैठियों से प्रेम है लेकिन भारत की जनता से नहीं. श्री साहू ने मोदी सरकार द्वारा जी राम जी योजना पर कांग्रेस की बयानबाजी को उनका बौखलाहट करार दिया.

उन्होंने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले,उसकी गरिमा और सम्मान बढ़े इसके लिए जी राम जी योजना को लाया   गया है. इस योजना का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है.यह योजना पूरी तरह से महात्मा गांधी जी की भावनाओं के अनुरूप राम राज्य की स्थापना के लिए है.

रोजगार योजना का नाम पहले से महात्मा गांधी के नाम पर नहीं था.1980 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम बनाए थे, राजीव गांधी ने इसे जवाहर रोजगार योजना में बदला बाद में मनमोहन सरकार ने इसे नरेगा और मनरेगा में परिवर्तित किया। कांग्रेस पार्टी बताए क्या नाम बदलकर कांग्रेस ने जवाहर लाल नेहरू का अपमान किया था. यह नाम बदलने की योजना नहीं है बल्कि ग्रामीण  भारत की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाई गई योजना है. 2005 की तुलना में आज के ग्रामीण भारत की आवश्यकताएं बदली हैं.

 मनरेगा के सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अबतक इस योजना में 11.74 लाख करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं  जिसमें अधिकांश राशि घोटाले और बिचौलियों में बंट गए।गरीब के हाथ खाली रहे। योजनाओं को मशीनों से पूरा गया जिसके कारण इसका वास्तविक लक्ष्य पूरा नहीं हुआ.

नई योजना में घोटालों से निजात मिलेगी। योजनाओं को रियल टाइम डेटा से जोड़ा गया है, जीपीएस मोबाइल से मॉनिटरिंग का प्रावधान है. इससे योजनाएं सही लाभुक तक पहुंचेगी. यह योजना किसानों केलिए विशेष लाभकारी है। फसल बुवाई और कटाई के मौसम में मजदूरों की कमी नहीं हो इसलिए 60 दिनों तक इस योजना को बंद करने का प्रावधान है. नई योजना में साप्ताहिक भुगतान का प्रावधान किया गया है. साथ ही साथ राज्य की जिम्मेवारी बढ़ाई गई है. अब केंद्र और राज्य सरकारें 60:40  के अनुपात में खर्च करेंगे. रोजगार नहीं मिलने की स्थित में बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है. कांग्रेस पार्टी विकास विरोधी है इसलिए विकसित भारत का संकल्प उसे पसंद नहीं.

 

 

 

 

22 दिस. 2025

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