दिवंगत दिशोम गुरूजी के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के लिए हर दिन नेमरा में पहुंच रहे आम से खास लोग
- Upendra Gupta
- 13 अग॰ 2025
- 2 मिनट पठन

रांची डेस्क
रांची ( RANCHI ) : दिवगंत दिशोम गुरू शिबू सोरेन के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए रोजाना आम से खास लोग नेमरा गांव पहुंच रहे हैं. और अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पति कर रहे हैं. साथ सीएम हेमंत सोरेन से मिल कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट कर रहे हैं. इसी क्रम में बुधवार को "कुड़मालि भाखी चारि आखड़ा" के सदस्यों ने मुलाकात की, तो दूसरी तरफ फिल्म निर्माता/ निर्देशक प्रकाश झा ने मुलाकात कर स्मृति-शेष पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

कांग्रेस के मंत्री और विधायक भी पहुंचे नेमरा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज नेमरा, रामगढ़ स्थित पैतृक आवास में मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका पाण्डेय, शिल्पी नेहा तिर्की, झारखंड प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश , विधायक प्रदीप यादव एवं विधायक ममता देवी ने मुलाकात कर स्मृति-शेष पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. मौके पर उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस विकट दुःख को सहन करने की शक्ति और धैर्य की कामना की.

"कुड़मालि भाखी चारि आखड़ा" ने गुरूजी के योगदान को याद किया
इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ सदस्यों ने गुरूजी के जीवन, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि गुरूजी ने सदैव शिक्षा, सेवा और एकता का संदेश दिया. उनका मार्गदर्शन और प्रेरणा हमेशा समाज को दिशा देता रहेगा. सभा में उपस्थित लोगों ने गुरूजी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. इस मौके पर "कुड़मालि भाखी चारि आखड़ा" के संरक्षक श्री दीपक पुनरियार, जिला संरक्षक सदस्यगण में श्री अनंत कँड़हरआर, सुभाष पुनरियार, गोविंद पुनरियार, सुखदेव जालबनवार, अशोक हिन्दयार, चंद्र मोहन सखवार , सुभाष हिन्दयार के अलावे सैकड़ों की संख्या में संगठन के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

श्राद्ध कर्म के साथ राजकर्म भी निभा रहे सीएम
गांव के खुले आंगन, मिट्टी की महक और अपनत्व से भरे वातावरण में रहते हुए भी मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की प्राथमिकता जनता की सेवा ही है। इन दिनों अपने पैतृक गांव नेमरा में रहकर एक साथ पुत्र धर्म और राज्य धर्म का निर्वहन कर रहे हैं. एक ओर जहां वे दिवंगत पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के श्राद्ध कर्म की स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों का निर्वाह कर रहे हैं वहीं राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यों के प्रति पूरी तरह सक्रिय हैं. गांव के सादगीपूर्ण माहौल में रहते हुए वे लगातार विभिन्न विभागों से प्राप्त फाइलों और प्रस्तावों पर निर्णय ले रहे हैं तथा अधिकारियों से फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर रहे हैं.





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