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पिता का सपना था बेटा बनें IAS OFFICER, लेकिन बन गया ठग, पुलिस ने कैसे किया खुलासा ? पढ़िए खबर में  

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न्यूज डेस्क

पलामू ( PALAMU) : पलामू पुलिस ने एक ऐसे फर्जी आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जो पिछले 6-7 साल से इलाके में घूम-घूम कर खुद को 2014 बैच का उड़ीसा कैडर का आईएएस अधिकारी बताता था और भुवनेश्वर के खरवेला नगर में C.A.O. (Chief Accounts Officer) के पद पर कार्यरत होने का दावा करता था. अपने इसी फर्जी रूतबे का हवाला देकर लोगों पर ना सिर्फ घौंस जमाता था, बल्कि सरकारी दफ्तरों में भी पैरवी कर लोगों का काम करवा रहा था. लेकिन कहते हैं ना कि झूठ तो झूठ होता है, एक दिन उसकी पोल भी खुल गई और पहुंच गया जेल.

थाना प्रभारी को हुआ संदेह तो बताया एसडीओ को

फर्जी आईएएस अधिकारी राजेश कुमार 2 जनवरी को शाम 4 बजे अपने रिश्तेदार के जमीनी विवाद में पैरवी कराने हेतु हुसैनाबाद थाना पहुँचा. थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी को उसने वहीं अपना फर्जी आईएएस अधिकारी का परिचय दिया, साथ ही अपना नाम- राजेश कुमार, पता – ग्राम कुकही, थाना हैदरनगर बताया. थाना प्रभारी ने उसकी पोस्टिंग के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह देहरादून, हैदराबाद एवं भुवनेश्वर में कार्य कर चुका है. उसने स्वयं को IPTAFS (Indian P&T Accounts and Finance Service) का अधिकारी बताया, जो UPSC द्वारा चयनित एवं आईएएस के समकक्ष होता है. इसके बाद वह व्यक्ति थाना से चला गया. थाना प्रभारी को उसकी बातों से संदेह हुआ और उसके जाने के बाद थाना प्रभारी ने उसके बारे में  सारी बातें हुसैनाबाद के एसडीओ एस० मोहम्मद याकूब को बताई. प्रारंभिक जाँच, उसके गाँव के लोगों एवं अन्य स्रोतों से की गई गहन पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि वह व्यक्ति किसी भी प्रकार का IPTAFS अधिकारी नहीं है.

जांच में फर्जी साबित होने के बाद थाना प्रभारी ने उसे फिर थाने बुलाया और दोबारा पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान उससे उसकी पहचान, नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र एवं विभागीय दस्तावेजों की माँग की गई, परंतु वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और न ही कोई संतोषजनक उत्तर दे पाया. गहन जाँच में यह तथ्य सामने आया कि वह व्यक्ति किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है. पूछताछ के दौरान उसने स्वयं स्वीकार किया कि वह फर्जी रूप से IPTAFS अधिकारी बनकर घूम रहा था.

 चार बार दिया UPSC की परीक्षा, लेकिन असफल रहने पर झूठ बोलना शुरू किया और बन गया ठग

फर्जी आईएएस अधिकारी ने बताया कि उसके पिता का सपना था कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में अधिकारी बने. उसने UPSC की परीक्षा में चार बार प्रयास किया, किंतु सफल नहीं हो सका. इसके बाद उसने अपने पिता, परिजनों एवं रिश्तेदारों से झूठ बोल दिया कि वह IPTAFS अधिकारी बन गया है और विगत 6–7 वर्षों से फर्जी अधिकारी बनकर जीवन यापन कर रहा था. शारीरिक तलाशी एवं वाहन की तलाशी के क्रम में उसके पास से फर्जी पहचान पत्र, फर्जी नेम बोर्ड एवं अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई, जिसे विधिवत जप्त कर सीलबंद किया गया. इस संबंध में हुसैनाबाद थाना कांड संख्या-01/26, दिनांक-02.01.26, धारा 204/205/336(2)/336(3)/337/339/340(2) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.


गिरफ्तार 35 वर्षीय राजेश कुमार, पिता – स्व० राम किशोर राम, पता – ग्राम कुकही, थाना हैदरनगर, जिला पलामू का मूल निवासी है, उसके पास से एक फर्जी आई०डी० कार्ड, जिस पर GOVT. OF INDIA, A.P. Circle, Sanchar Lekha Bhawan, Chikkadpally, Hyderabad–500020 अंकित है. नाम – Rajesh Kumar, पद – CAO (Jr. Grade), कोड – IP&TAFS/164/014, वैधता – 31.12.2020 तक, एक Vivo कंपनी का मोबाइल फोन, मोबाइल नंबर – 9006542629, एक Library Card, एक Chanakya IAS Academy का आई०डी० कार्ड, हुंडई Era कार (रजिस्ट्रेशन नंबर JH01Z-4884) के आगे लगा नीले रंग का फर्जी नेम बोर्ड, जिस पर GOVT. OF INDIA, CAO, DEPARTMENT OF TELECOMMUNICATION लिखा हुआ है. ग्रे रंग की हुंडई Era कार, रजिस्ट्रेशन नंबर – JH01Z-4884 बरामद किया गया है.

 

 

 

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