खाट पर हेल्थ सिस्टम कब तक ? 2 किमी पैदल चलकर गर्भवती महिला को पहुंचाया अस्पताल
- Upendra Gupta
- 7 सित॰ 2025
- 1 मिनट पठन

न्यूज डेस्क
रांची ( RANCHI) : झारखंड के सरकारी सिस्टम पर सवाल लगातार खड़े हो रहे हैं. कहीं भूखमरी और गरीबी से तंग आकर दूधमुंहे बच्चे को बेचने को विवश है, तो कहीं सड़क नहीं होने के कारण मरीज को खाट पर लिटा कर पैदल परिजन अस्पताल ले जा रहे हैं. राज्य के हेल्थ सिस्टम की आज एक और नजारा देखने को मिला, जब गिरिडीह जिला के देवरी प्रखंड में प्रसव पीड़ा से जुझ महिला को परिजनों ने खाट पर लिटा कर किसी तरह अस्पताल पहुंचाया.
सड़क नहीं होने के कारण नहीं पहुंचा एंबुलेंस
जानकारी के अनुसार, गिरिडीह जिला के देवरी प्रखंड के जेवडा गांव में 20 वर्षीय महिला तालो मरांडी प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी, उसके बाद उसके परिजनों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन गांव तक रास्ता नहीं होने कारण एंबुलेंस गांव में नहीं पहुंच सका. तब ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटा कर 2 किमी दूर अस्पताल पहुंचाया. यह भी बताया गया कि कुछ दिन पहले भी इसी गांव की एक महिला को प्रसव पीड़ा के बाद खाट से ही अस्पताल पहुंचाया गया था.
सड़क नहीं होने ग्रामीणों को होती है परेशानी
ऐसा नहीं है कि इसी गांव में सड़क नहीं है, राज्य में ऐसे सैकड़ों गांव हैं जहां सड़क का आभाव है और सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है. कहीं बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं तो कहीं मरीज समय पर स्पताल नहीं पहुंच पाते हैं. आखिर ऐसा कब तक चलेगा. कब राज्य के सभी गांवों में सड़क बनेगी ? और ग्रामीणओं को कब खाट पर मरीजों को ढ़ोने की समस्या से निजात मिलेगी ?





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