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यदि आप भी मानसिक तनाव और चिंता से हैं परेशान, तो करें शीतली प्राणायाम, मिलेगी मन को शांति  

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 13 अग॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

रांची डेस्क

( RANCHI ) : आज हर किसी की जिंदगी इतनी भागदौड़ भरी है कि उसमें मानसकि तनाव आना एक आम सी बात बन चुकी है. मानसिक तनाव से भारत ही नहीं पूरी दुनिया में 301 मिलियन लोगों प्रभावित हैं. लेकिन भारतीय योग पद्धति से मानसिक तनाव से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है. शीतली प्राणायाम ऐसा ही एक योग प्रक्रिया है. जो तनाव दूर करने का सरल और प्रभावी उपाय है. जो शरीर और मन को ठंडक प्रदान करता है. इसलिए इस योग का नाम भी 'शीतल' शब्द से रखा गया है.

 शीतली प्राणायाम एक नहीं कई लाभ

शीतली प्राणायाम मन को शांत तो करता ही है, तनाव और चिंता को दूर भगाता है. यह पाचन संबंधी समस्याओं जैसे एसिडिटी और कब्ज को ठीक करता है. गर्मी से होने वाली थकान, हाई ब्लड प्रेशर और इन्फ्लेमेशन को कम करने में भी मदद करता है. एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित अभ्यास से नींद की गुणवत्ता सुधरती है और एकाग्रता बढ़ती है. गर्मी के मौसम में यह विशेष रूप से फायदेमंद है, क्योंकि यह शरीर की गर्मी को कम करता है और शांति देता है. 

ऐसे करें शीतली प्राणायाम

शीतली प्राणायाम में जीभ को ट्यूब की तरह मोड़कर सांस ली जाती है, जो मुंह के माध्यम से हवा को ठंडा करके शरीर में प्रवेश कराती है. इसे करना बेहद आसान है और इसे खाली पेट करें. सबसे पहले किसी ध्यानात्मक मुद्रा जैसे पद्मासन या सुखासन में आराम से बैठें. दोनों हाथों को ज्ञान मुद्रा में घुटनों पर रखें. अब जीभ को बाहर निकालें और उसके दोनों किनारों को मोड़कर एक नली जैसा आकार दें. इस नली से धीरे-धीरे गहरी सांस लें, जैसे स्ट्रॉ से पानी पी रहे हों. सांस भरने के बाद मुंह बंद करें और दोनों नासिका छिद्रों से धीरे-धीरे सांस छोड़ें. शुरुआती लोग चार चक्र दोहरा सकते हैं, जबकि अनुभवी 10 मिनट तक अभ्यास कर सकते हैं. इसे रोजाना करने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और तंत्रिका तंत्र मजबूत बनता है.

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