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रांची डीसी- देवघर एसपी हटाने पर झामुमो व भाजपा ने एक-दूसरे पर कैसे किया वार-पलटवार, पढ़िए खबर में

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 1 नव॰ 2024
  • 2 मिनट पठन


 

TVT NEWS DESK

रांची ( RANCHI) :  रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री और देवघर के एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को हटाने के मामले को लेकर झामुमो और भाजपा ने एक दूसरे पर तीखा हमला किया है. दोनों अधिकारियों को चुनाव आयोग ने हटाया है, इसके लिए झामुमो ने भाजपा को मदद करने का आरोप लगाया है.  झामुमो ने इस संबंध में चुनाव को एक ज्ञापन सौंप कर अपनी नाराजगी जताई है, तो भाजपा ने पूर्व सीएम चंपई सोरेन पद से हटाने और राज्य की ढाई हजार बेटियों के साथ अत्याचार पर सवाल उठाते हुए पलटवार किया है.


रांची डीसी और देवघर एसपी के हटाने पर बिफरीं झामुमो

चुनाव आयोग ने रांची डीसी और देवघर के एसपी पद से हटा दिया है. जिस पर झामुमो ने आपत्ति जताई है. झामुमो ने चुनाव आयोग को पत्र लिख कहा है कि चुनाव आयोग ने 29 अक्टुबर को अचानक बिना कारण के देवघर के एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को हटा दिया, इसके पूर्व रांची डीसी को भी बिना कारण बताए हटा दिया गया था.

 

चुनाव आयोग को सौंपे गए पत्र में झामुमो के नेताओं के आलावा कांग्रेस, राजद और भाकपा (माले) नेताओं के हस्ताक्षर हैं. जिसमें झामुमो ने आरोप लगाया है कि आदिवासी और दलित पदाधिकारियों पर इस प्रकार का आदेश किसी विशेष राजनैतिक दल को चुनाव में प्रशासनिक सहयोग को अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने के लिए किया गया है. इस प्रकार के आदेश कहीं न कहीं प्रशासनिक तंत्र को अस्थिर करने का एक उद्देश्य प्रतीत होता है. हम इन कार्रवाईयों का विरोध करते हैं एवं संयुक्त रूप से आपके समक्ष अपनी नाराजगी तथा आपत्ति दर्ज करते हैं.

 




एससी-एसटी हित पर घड़ियाली आंसू बहा रही झामुमो- प्रतुल  

 

झामुमो के इन आरोपों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने पलटवार किया है. भाजपा प्रवक्ता का कहना है कि चुनाव को देखकर चुनाव आयोग द्वारा कुछ अफसर को हटाए जाने पर झामुमो घड़ियाली आंसू बहा रहा है. प्रतुल ने कहा जो एससी और एसटी समुदाय के हित की बात करने का नाटक कर रहे, उनको बताना चाहिए एक साधारण गरीब परिवार से आने वाले आदिवासी का बेटा चंपई सोरेन को उन्होंने जबरन सत्ता से क्यों हटाया? चंपई सोरेन को अंतिम दिन नियुक्ति पत्र भी बांटने नहीं दिया गया. क्या यह पूरे आदिवासी अस्मिता का अपमान नहीं है? इस प्रदेश में अब तक 7400 बेटियों की इज्जत लूटी गई. जिसमें एक तिहाई एससी और एसटी समुदाय की बेटियां थी. सिर्फ 25% केसों में अभी तक चार्जशीट हुआ है. इस पर हेमंत सोरेन खामोश क्यों हैं?

 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कांग्रेस के सांसद धीरज साहू के कार्यालय और आवासीय परिसर से साढे तीन सौ करोड रुपए और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के पीए के नौकर के घर से 32 करोड़ से ज्यादा रुपए बरामद हुए. उस समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खामोश रहे.

प्रतुल ने कहा झारखंड में पीसी सरकार का मैजिक शो भी फेल हो जाएगा. क्योंकि यहां उससे भी बड़ा जादू हो रहा है. 5 वर्ष में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आयु 7 वर्ष बढ़ गई. प्रतुल ने कहा ये जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने अपने 2019 और 2024 के एफिडेविट के जरिए दिया है. इस सरकार ने पत्थर घोटाला, लोहा घोटाला, ट्रांसफर पोस्टिंग घोटाला, खनन घोटाला, लैंड घोटाला के बाद अब उम्र घोटाला भी कर दिया.

 

 

 

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