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हर दिन सरकारी दफ्तर का चक्कर लगा रही लाखों मईयां सम्मान योजना की हकदार महिलाएं - बाबूलाल

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 7 दिस॰ 2024
  • 2 मिनट पठन


TVT NEWS DESK

रांची ( RANCHI) : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मईयां सम्मान योजना को लेकर फिर एकबार राज्य सरकार पर निशाना साधा है.

 



घर का काम-काज छोड़ सीओ ऑफिस का चक्कर लगा रही मैयां

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मरांडी ने कहा कि हजारीबाग जिले सहित पूरे झारखंड में महिलाएं ‘मंईयां सम्मान योजना’ के तहत मिलने वाली राशि के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं. 18 से 50 वर्ष की उम्र की विधवा, आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय महिलाएं, जो इस योजना के अंतर्गत आती हैं, उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा. कई महिलाओं ने चार से पांच बार आवेदन किया, लेकिन फिर भी उनके खातों में सम्मान राशि जमा नहीं हुई.

 

राशि मिलना तो दूर आवेदन नहीं हो रहे स्वीकार

भाजपा नेता मरांडी ने कहा कि योजना के तहत प्रतिमाह 2500 रुपये देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकांश महिलाओं को राशि मिलना तो दूर, आवेदन स्वीकृति की स्थिति तक स्पष्ट नहीं है, इससे झारखंड की सभी माताएं बहनें परेशान हो रही हैं. कई मामलों में, फार्म भरने और आवश्यक दस्तावेज देने के बावजूद, योजना का लाभ नहीं मिला.

 

रामगढ़ में 30 हजार महिलाएं लाभ से वंचित

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कहा कि रामगढ़ जिले में भी स्थिति खराब है, जहां करीब 30 हजार महिलाओं को इस योजना की राशि अब तक नहीं मिली. प्रशासन की लापरवाही और प्रक्रियागत बाधाओं के कारण महिलाएं बार-बार कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं. प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण माताएं बहनें दिनभर लाइनों में खड़ी रहती हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें केवल और केवल निराशा मिलती है. कहा कि भले ही योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना था, लेकिन सरकार की लापरवाही और देरी के कारण महिलाओं को मुश्किलों एवं सही क्रियान्वयन न होने से आर्थिक रूप से परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है.

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