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23 दिन पहले शादी, फिर लापता, ना अपहरण हुआ और ना प्रेमी संग भागी, फिर कहां थी, कैसे पुलिस ने ढ़ूंढ़ा ? पढ़िए दिलचस्प खबर

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 28 दिस॰ 2025
  • 3 मिनट पठन

न्यूज डेस्क

पटना ( PATNA) :  बिहार की राजधानी पटना कृषि विभाग में कार्यरत महिला अधिकारी अर्यमा दीप्ति 26 दिसंबर को ऑफिस से घर आई और अचानक गायब हो गई. उसका फोन भी बंद हो गया. ससुराल से लेकर मायके तक वाले काफी परेशान हो गए, यहां तक कि दीप्ति के विभाग के अधिकारी और कर्मी भी सकते में आ गए कहने लगे कि अभी तो ऑफिस से निकली थी, फिर अचानक कैसे गायब हो गई. हर कोई अपने स्तर से दीप्ति के बारे में पता करने में लग गया. कुछ लोग दीप्ति के पति को भी कोसने लगे, कि तुम्हारा दीप्ति से झगड़ा तो नहीं हुआ है, जिससे नाराज हो कर कहीं चली गई. तब लोग दीप्ति के बारे में कई तरह की अटकलों, अफवाहों और सनसनीखेज दावों करने लगे. कोई अपहरण की बात करने लगा, तो कोई प्रेमी संग भाग जाने की बात करने लगा.   काफी खोजबीन और प्रयास के बाद भी दीप्ति का ना तो फोन लगा और ना कोई पता चला. तब परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी, पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और तमाम कोशिशों में जुट गई, पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल लोकेशन डेटा की जांच की और 36 घंटे बाद दीप्ति को पुलिस ने ढूंढ निकाला, जो बात दीप्ति ने अपने लापता होने की खबर बताई, उसे सुनकर हर कोई हंसने लगे.

घर से अचानक कैसे अचानक लापता हुई दीप्ति

लापता अर्यमा दीप्ति को शुक्रवार 26 दिसंबर की सुबह पति शुभम कुमार हमेशा की तरह उसे ऑफिस छोड़कर अपने काम पर चला गया. दोपहर करीब 2 बजे, अर्यमा ने अपने पति से बात की और बताया कि वह कुछ ऑफिस के काम से घर आई गई हैं. लेकिन शाम करीब 4 बजे उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया. उसके बाद कॉल का जवाब नहीं मिला और मैसेज का भी कोई रिप्लाई नहीं आया. शुरू में परिवार को लगा कि यह नेटवर्क या बैटरी की समस्या है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उसके पति और घर वालों की चिंता बढ़ती गई. शिकायत के बाद पुलिस जांच में पता चला कि महिला अधिकारी की आखिरी लोकेशन उस्मानपुर में था, जो अथमलगोला पुलिस स्टेशन इलाके में आता है. इसके बाद शनिवार सुबह फतुहा इलाके में उनका मोबाइल फोन फिर से ऑन हुआ. लोकेशन में बदलाव से शक हुआ कि महिला अधिकारी को जबरदस्ती कहीं ले जाया गया होगा या फोन किसी और के पास था. पुलिस ने संभावित रास्तों, ऑटो-रिक्शा स्टैंड और CCTV फुटेज की जांच शुरू की. इस दौरान एक फोन नंबर सामने आया जिससे उन्होंने आखिरी बार बात की थी.

महज 36 घंटे में पुलिस टीम ने ढूंढ निकाला

पुलिस ने लापता होने के 36 घंटे के अंदर दीप्ति को ढूंढ लिया. उनके मिलने के बाद पूछताछ में जो जानकारी सामने आई, उसके बाद सभी अफवाहों पर विराम लग गया. पुलिस ने कहा कि दीप्ति किसी दबाव, डर या जबरदस्ती से कहीं नहीं गई थीं. पुलिस जांच से यह साफ हो गया है कि महिला अधिकारी का न तो अपहरण हुआ था और न ही वह किसी प्रेमी के साथ भागी थी, लेकिन सच्चाई काफी अलग और चौंकाने वाली है.

दोस्त की जन्मदिन पर सरप्राइज देने के लिए किसी को नहीं बताया

दरअसल में, उनकी करीबी दोस्त अंजलि कुमारी उर्फ ​​गोल्डी का जन्मदिन था, जो सारण जिले के मशरक की रहने वाली हैं. वो अपनी दोस्त को सरप्राइज देने के लिए वह बिना किसी को बताए वहां चली गई थीं.

लेकिन दोस्त को सरप्राइज देने के चक्कर में दीप्ति ने जो तरीका अपनाया, उससे बिल्कुल सही नहीं ठहराया जा सकता, 36 घंटे तक दीप्ति के परिवार और पुलिस वालें भी परेशान रहे.

 

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