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जगन्नाथपुर : जिसके बल पर पिछली बार जीते, अब उसी पर पड़ रहे भारी, माइंस कारोबारियों की अटकी सांसें, मंगल के लिए फिर अमंगल   

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 18 नव॰ 2024
  • 2 मिनट पठन


 

संतोष वर्मा

 

चाईबासा ( CHAIBASA ) :  लौह अयस्क और सांरडा जंगल के लिए पहचाना जाने वाले सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र का जगन्नाथपुर विधानसभा सीट पिछले कई दशक से पूर्व सीएम मधू कोड़ा और उनकी पत्नी गीता कोड़ा के कारण भी काफी सुखर्यों में रहा है. इस बार भी सबकी नजरें जगन्नाथपुर पर टिकी हैं. लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद विधानसभा चुनाव में कोड़ा दंपति ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है, लेकिन उन्हें टक्कर उसी विधायक से मिली, जिसे पिछले विधानसभा चुनाव में केवल अपने दम पर जिताया था. अब वहीं कांग्रेस विधायक सोनाराम सिंकू ने कोड़ा दंपति को ऐसी चुनौती दे दी है कि क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति जीत-हार के दावे को खुल कर नहीं कह रहे हैं. बस हर किसी के जुबां पर यही बात है कि कांटे का टक्कर है.

  




अपने करीबी से ही गीता कोड़ा को मिली कड़ी टक्कर

जगन्नाथपुर विधानसभा में पिछले 25 साल से मधू कोड़ा और गीता का ही कब्जा रहा है, मधू कोड़ा जगन्नाथपुर सीट से ही मंत्री और राज्य के पहले निर्दलीय सीएम भी बनें. उनके बाद उनकी पत्नी दो बार निर्दलीय ही चुनाव जीतती रही, 2019 में गीता सांसद बनने के बाद अपने सबसे भरोसेमंद और करीबा सोनाराम सिंकू को विधानसभा चुनाव मैदान में उतारा, तब सोनाराम को कोई नहीं जानता था, लोगों ने कोड़ा दंपति के नाम पर वोट दिया और जीतने में सफल रहे. लेकिन 2024 में बाजी पूरी तरह पलट गई, लोकसभा चुनाव से पहले कोड़ा दंपति कांग्रेस में शामिल हो गए और भाजपा से चुनाव लडीं, लेकिन हार गई, अब विधानसभा ही आखिरी उम्मीद थी, लेकिन यहां भी अपने करीबी से ही ऐसी टक्कर मिली कि कोड़ा दंपति ही नहीं भाजपा और क्षेत्र के लोग भी दुविधा में पड़ गए हैं कि कौन जीतेगा.




 

 

गीता या सोना किसका मंगल करेंगे मंगल

दरअसल जगन्नाथ विधानसभा क्षेत्र से पिछले कई चुनाव से पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबेंगा चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन हर बार मात खा जा रहे हैं. इस बार चुनाव से पहले उनकी जीत की उम्मीद बंधी थी कि गीता और सोना की जंग में वे बाजी मार सकते हैं, मंगल सिंह को उम्मीद थी कि वे कांग्रेस के वोट बैंक को काटने में सफल रहे तो इस बार उनका मंगल हो सकता है, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया, सोना राम ने अंतिम समय में ऐसी फिल्डिंग की कि वे इंडी गठबंधन का वोट बिखरने से रोकने में सफल रहे. अब लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि मंगल सिंह अगर कांग्रेस का वोट काटने में सफल रहे तभी भाजपा की जीत संभव है.  


बहरहाल 23 नवबंर तक सोना के भाव में उछाल जारी रहेगा, लेकिन कहीं ऐसा भी ना हो कि उस दिन दोपहर बाद गुब्बारा फूट भी ना जाए.  

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