
'पेसा नियमावली' इधर कोर्ट में हाजिर हुए सचिव, उधर हेमंत कैबिनेट ने ले लिया ऐतिहासिक फैसला, पढ़िए पूरी खबर
23 दिस. 2025
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न्यूज डेस्क
रांची ( RANCHI) : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. जिसमें सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला 'पेसा नियमावली' को लेकर किया गया. कैबिनेट ने पेसा नियमावली को अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी. अधिसूचना जारी होते ही एक्ट लागू होगा. राज्य के अनुसूचित क्षेत्र में पेसा एक्ट लागू होगा. इसके दायरे में 15 जिले होंगे.
पेसा नियमावली याचिका पर आज ही झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
हेमंत कैबिनेट के फैसले के पहले झारखंड हाईकोर्ट में आज ही पेसा नियमावली लागू नहीं होने से जुड़ी अवमानना याचिका पर सुनवाई भी हुई. दौरान पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सशरीर कोर्ट में उपस्थित रहे. उन्होंने कोर्ट को बताया कि पेसा कानून से संबंधित नियमावली को आज कैबिनेट में पेश किया जाएगा. वहीं राज्य सरकार ने अदालत से समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख निर्धारित की.
ग्राम सभाएं अब पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली होंगी
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में 'पेसा कानून' को लागू करने की दिशा में एक कदम उठाया है. मंगलवार को कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद जानकारी दी कि इस कानून के लागू होने से ग्राम सभाएं अब पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली होंगी. नए नियमों के तहत ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में खनन अधिकार, भूमि अधिग्रहण और वन भूमि से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा.
पेसा (पंचायत उपबंध - अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) कानून के माध्यम से अब पंचायतों को जमीन और खनिजों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा. ग्राम सभा अपने क्षेत्र में खनन कार्यों पर नियंत्रण के अलावा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएगी. इसके अलावा वन भूमि के प्रबंधन और उससे जुड़े अहम निर्णय में भी ग्राम सभा को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त होंगे.
ग्राम सभाओं को तरजीह दी गई है. योजना बनाने में ग्राम सभा की भूमिका होगी. पारंपरिक ग्राम सभाओं को अधिकार दिया गया है. सभी ग्राम सभा अपने परंपरा को नोटिफाई करेगी.











