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SPECIAL : पीएम मोदी से आखिर क्यों खफा हैं ट्रंप ? टैरिफ- ट्रेड या कुछ और, जानिए असली कारण इस स्पेशल रिपोर्ट में

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 9 अग॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

 

उपेंद्र गुप्ता

 रांची ( RANCHI ) : कभी हाउडी मोदी और कभी नमस्ते ट्रंप जैसे स्लोगन देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच रिश्ते इतने कड़वाहट में क्यों बदल गए हैं. इसको लेकर पूरी दुनिया में बहस जारी है. हर कोई अपने-अपने विचार और अनुभव अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर रख रहे हैं.

कोई कह रहा है कि ब्रिक्स और एससीओ जैसे संगठन के कारण मोदी से ट्रंप नाराज हैं, तो कोई रूस से तेल खऱीदने को लेकर,तो कोई ट्रेड पर डील नहीं करने को लेकर ट्रंप की नाराजगी बता रहे हैं. कुछ हद0 तक ये कारण भी सही हो सकते हैं. लेकिन वास्तव में दो कारण से ट्रंप मोदी से अचानक चिढ़ गए हैं.

 


नोबल पुरस्कार पर मोदी ने नहीं किया समर्थन

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की तरह वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शांति का नोबेल पुरस्कार पाना चाहते हैं. उनका यह उतावलापन अब किसी से छिपी नहीं है. इसलिए दूसरी बार चुनाव राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ट्रंप अलग-अलग युद्धों को रुकवाने का क्रेडिट लेने में लगे रहते हैं. भले ही कुछ में सफलता मिली, कुछ में नहीं. पाकिस्तान, कंबोडिया और इसराइल, आर्मेनिया और अज़रबैजान जैसे देशों ने ट्रंप को नोबल पुरस्कार देने की मांग कर दी है, लेकिन मोदी ने अभी तक ट्रंप को नोबल पुरस्कार देने की मांग का समर्थन नहीं किया है. जबकि ट्रंप चाहते थे कि उनका जिगरी दोस्त मोदी खुलकर शांतिदूत बनने में समर्थन करें, पर मोदी चुप और शांत रह गए, जिससे ट्रंप की नाराजगी बढ़ने लगी.


भारत-पाक युद्ध सीजफायर में भी नहीं मिला क्रेडिट

नोबल पुरस्कार मामले में मोदी की चुपी से ट्रंप खफा तो थे ही, भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य हमले के बाद ट्रंप की नाराजगी चरम पर पहुंच गई, दरअसल, भारत-पाक के बीच सैन्य संघर्ष में युध्ध विराम का सारा क्रेडिट ट्रंप लेना चाहते थे और लगभग हर दिन मीडिया में भारत-पाक के बीच युद्ध विराम का क्रेडिट खुद ले रहे थे, यहां भी ट्रंप मोदी से उम्मीद लगाए थे कि उनका दोस्त जरूर श्रेय देगा, लेकिन इस बार भी मोदी शांत और चुप ही रहे, उल्टे भारत-पाक के बीच सीजफायर में अमेरिका की भूमिका से साफ इंकार कर दिया. बस यहीं से ट्रंप का धैर्य टूट गया और मोदी को झुकाने के लिए भारत पर टैरिफ और पेनाल्टी का गंदा खेल खेल रहे हैं.

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