
बिहार में नई सरकार को लेकर गहमागहमी तेज, कई नए चेहरों को मिलेगा मौका
19 नव. 2025
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न्यूज डेस्क
पटना ( PATNA) : बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है. दिल्ली में जदयू नेता संजय झा और ललन सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक के बाद नई सरकार की रूपरेखा लगभग तय कर लिया गया है. बुधवार को पटना में पहले भाजपा और जदयू के नवविर्वाचित विधायकों की बैठक होगी, जिसमें दोनों दल अपने-अपने नेता का औपचारिक चयन करेंगे, सके बाद शाम में एनडीए विधायकों की बैठक होगी, जिसमें नेता के तौर नीतीश कुमार का चयन होगा, उसके बाद सीएम नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौपेंगे. 20 नवंबर को नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए सरकार पटना के गांधी मैदान में शपथ लेगी. जिसमें पीएम मोदी भी मौजूद रहेंगे.
नीतीश कुमार ही बनेंगे सीएम
बिहार में नई सरकार के मुखिया के तौर पर नीतीश कुमार का नाम पूरी तरह फाइनल है. इसमें कोई किन्तु-परन्तु नहीं है. सिर्फ औपचारिकता बाकि है. इस बार नीतीश कुमार कैबिनेट पुराने चेहरे के साथ कई नए चेहरे शामिल किए जाएंगे. इसकी सूची भी लगभग फाइनल है. सिर्फ घोषणा किया जाना है. इस बार नीतीश के कैबिनेट में जदयू कोटे से 13, बीजेपी कोटे से 14, लोजपा (आर से) 03 और जीतन राम मांझी और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री बन सकते हैं.
स्पीकर का पद फाइनल, डिप्टी सीएम को लेकर स ंस्पेंस
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष पद को लेकर जदयू और भाजपा के बीच थोड़ी खींचतान जरूर था, लेकिन अंततःस्पीकर पद पर भाजपा के हिस्से में गया. इस पद के लिए भाजपा के पूर्व मंत्री प्रेम कुमार का नाम सबसे आगे है. जानकारों के अनुसार उनका नाम भी तय हो चुका है. वहीं दो डिप्टी सीएम पद को लेकर भी जदयू और भाजपा के बीच अभी खींचतान जारी है. जदयू दो में से एक डिप्टी सीएम का पद चाहती है, सूत्रों के अनुसार, एक पद पर भाजपा के सम्राट चौधरी का नाम पर सहमति भी बन चुकी है. गृह मंत्रालय हमेशा नीतीश कुमार के पास रहा है, इसलिए गृह विभाग भी उनके पास रहने की संभावना है, हालांकि भाजपा ने भी जदयू से गृह विभाग देने की मांग की है.

भाजपा से रामकृपाल यादव को मौका
भाजपा में इस बार कई नए चेहरे शामिल किए जा स कते हैं, जबकि कुछ पुराने को दूसरी जिम्मेवारी मिलेगी. बीजेपी कोटे से सम्राट चौधरी, नितिन नवीन, मंगल पांडेय और हरि सहनी का मंत्री बनना तय माना जा रहा है. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और दानापुर से जीते रामकृपाल यादव को नीतीश कैबिनेट में शामिल करने की पूरी संभावना है, उनके साथ दीघा सीट से जीते संजीव चौरसिया भी मंत्री पद की रेस में हैं. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को मंत्री इस बार मंत्री नहीं बनाया जाएगा, उन्हें कोई अन्य जिम्मेदारी दी जा सकती है.
जदयू कोटे से श्याम रजक की मंत्रीमंडल में होगी इंट्री
जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जयंत राज और सुनील कुमार को फिर से मंत्री बनाया जा सकता है. जबकि नए चेहरे के रूप में श्याम र जक को पार्टी मौका दे सकती है. अल्पसंख्यक कोटे से जमा खान को मंत्री बनाया जा सकता है, क्योंकि एनडीए में केवल यही एक मुस्लिम विधायक हैं. जमा खान ने बिहार के चेनारी विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है.
चिराग के पार्टी से तीन विधायक बनेंगे मंत्री
चिराग पासवान की पार्टी से तीन विधायकों का मंत्री बनना तय है. पार्टी के प्रधान महासचिव संजय पासवान और महुआ विधानसभा से जीत दर्ज करने वाले संजय सिंह और राजू तिवारी को मंत्री बनाया जा सकता है. जीतन राम मांझी की पार्टी हम से उनके बेटे संतोष सुमन को मंत्री पद मिल सकता है. वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता को मंत्री बनाया जा सकता है.











