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एक माला में पिरोएगा जाएगा चीक बड़ाईक आदिवासी को, अप्रैल में छत्तीसगढ़ में होगा महासम्मेलन

22 दिस. 2025

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संवाददाता

राउरकेला  RAURKELA) :  अखिल भारतीय चीक बड़ाईक  महासभा के सत्यनारायण  दास की अध्यक्षता में उड़ीसा राउरकेला के सेक्टर 7 मधु मंडप भवन में आयोजित एकदिवसीय अखिल भारतीय महासभा के कार्यकारिणी बैठक संपन्न हुई.

  इस दौरान महासभा के संरक्षक श्याम सुंदर बधाई ने कहा कि आज से लगभग 1 दशक पूर्व अखिल भारतीय चीक बड़ाईक महासभा का गठन झारखंड के रांची में किया गया था.जिसकी परिकल्पना राउरकेला के लांजी वेरना में की गई थी.महासभा के गठन के बाद संगठन से जुड़े सदस्यों की यही सोच निरंतर रही है कि आसाम बंगाल बिहार छत्तीसगढ़ उड़ीसा बांग्लादेश एवं अन्य प्रदेशों में प्रवासी रहे चीक बड़ाइक समाज को कैसे एक माला में पिरोया जाए.

महासभा के सत्यनारायण दास ने भी अपनी सामाजिक बिचार को रखते हुए कहा कि चीक बड़ाईक समाज को और उनकी आने वाली पीढ़ी के जड़ों को मजबूती देने के लिए युवा युवतियों को विशेष रूप से समाज और संगठन में आने की जरूरत है.

 अखिल भारतीय चीज बड़ाईक महासभा के बीजारोपण के बाद एक बाद निश्चित हुई है कि मैं समाज  में और समाज मुझ में देखने को मिला है.  अब चीक बड़ाईक  समाज के लोग आसाम बंगाल उड़ीसा के राज्यों में भी अपने बहन बेटियों का रिश्ता नाता जोड़ने लगे हैं.यह कहना गलत नहीं होगा कि चीक बड़ाईक  महासभा के सदस्य पदाधिकारी मछुआरों की तरह एक-एक जातिगत रिश्तेदार संबंधियों को खोजने  और समाज से जोड़ने और तरासने का काम कर रही है.

 रविवार 21 दिसंबर की कार्यकारिणी बैठक में विशेष कर महिलाओं के लिए आदिवासी परंपरागत साड़ी  परिधान का निर्धारण किया गया है.वहीं पुरुषों के लिए आदिवासी परंपरागत हाफ जैकेट कार्यक्रमों में धारण करने की बात पर सहमति बनाई गई है. जिसका समावेश परिधान जल्द ही आगामी 2026 में होने वाले छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम में लोगों को देखने को मिलेगा.

छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम को सफलता बनाने हेतु जल्दी ही जयपुर क्षेत्र के चीक बड़ाईक समाजों के बीच अखिल भारतीय  चीक बड़ाईक  महासभा का बैठक जनवरी फरवरी माह  आयोजित कर निर्णय लेने का प्रस्ताव पारित किया गया है.

इस प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ सम्भाग के ख़सरू बड़ाईक ने अपने सामाजिक बिचार रखे और अखिल भारतीय चीक बड़ाईक महासभा के छत्र छाया में कार्यक्रम पर सहमति जतायी.

युवा राष्ट्रीय अध्य्क्ष बसन्त बुनकर ने भी कहा कि जीवन मे अपने समाज के लिए और आने वाले पीढ़ी के लिए भी कुछ करना आवश्यक है. मसला भले ही जाति का हो अधिकार का हो एकता अधिकार के लिए जरूरी है.

बसन्त बुनकर छत्तीसगढ़ स्टेट में एक प्रसासनिक अधिकारी है समय अभाव मे भी इनकी मौजूदगी ही समाज को प्रेरित करती है.

महासभा के प्रवक्ता मीडिया प्रभारी ने कहा की कम संसाध्नों के बाद भी हमारा प्रयास समाचार पत्र यूट्यूब और फेस बुक द्वारा चीक बड़ाईक समाज को दुनिया के मानचित्र में लाना रहा है.

संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच कहा की चीक बड़ाईक समाज के एक एक परिवार का वंशागत ख़ातियान सदस्यों की सूची प्रमाणित फोटो सहित एक बेबसाइट बनाकर समाज को ऊँचाई पर लाने की बात रखी. 

 जिससे कि एक मात्र क्लिक करने पर कहीं से भी उतराधिकारी ब्यक्ति अपना खतियान प्राप्त कर सके और हठधर्मी अधिकारियों को भी देखने मे सुलभता लाया जा सके.

इस मामले पर महासभा के अध्य्क्ष ने कहा की वेसिक तैयारी में राउरकेला के टेक्निकल सेल के युवाओं की एक टीम कार्य कर रही है.2026 में एक बेबसाइट में चीक बड़ाईक समाज को लाने का प्रयास रहेगा.

 सभा में सुबोध बड़ाईक ने भी मंच संचालन करते अपने सामाजिक बिचार रखे और कहा की सामाजिक लाभ लेना है. तो ब्यक्ति को समाज के बैठकों में जाना होगा जुड़ना होगा तभी भविष्य में आने वाले परिवार पीढ़ी को लाभ मिलेगा.

कार्यक्रम में बसन्त बुनकर , जगदीश बड़ाईक , खसरू बड़ाईक  सहित कई सामाजिक पदाधिकारियों को पुष्प गुच्छा और परमरागत गमछे देकर सम्मानित किया गया.

मौके पर संतोष इंजीनियर , संतोष बड़ाईक महिलामंत्री अमृता देवी सहित कई सामाजिक बिचारको ने अपने अमूल्य बिचार रखे.

कार्यक्रम से पूर्ब महासभा के बहुत ही कर्मठ जुझारु स्वर्गीय संजय बड़ाईक बसिया के आत्म सन्ति के लिए मौन प्राथर्ना किया गया. इस कार्यक्रम में राउरकेला क्षेत्रों के  रितेश बड़ाईक  रूपेश  स्वीटी  बड़ाईक रोहित बड़ाईक युवा साथियों  ने कार्यक्रम की सफलता मे अहम भूमिका  निभाई.

22 दिस. 2025

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