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जगन्नाथपुर में कभी कोड़ा दंपत्ति का था वर्चस्व, अब सोनाराम सिंकू दे रहे टक्कर

  • लेखक की तस्वीर: Jay Kumar
    Jay Kumar
  • 16 अक्टू॰ 2024
  • 2 मिनट पठन

जगन्नाथपुर: विधायक सोनाराम सिंकू का राजनीतिक करियर स्कूली जीवन में 1989 में आजसू कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ था. झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में भी वे सक्रिय रहे. आजसू पार्टी के संस्थापक सूर्य सिंह बेसरा के द्वारा झारखंड अलग राज्य की मांग को लेकर 1992 में ओड़िशा, बंगाल एवं बिहार में कराई गई आर्थिक नकेबंदी के दौरान ओड़िशा के चंपुआ जेल में पांच साथियों कृष्णा सिंकू, किशोर सिंकू, सोमनाथ सिंकू एवं टुपड़ा सिंकू के साथ 18 महीने तक जेल में बंद रहे.


इसके बाद 2005 में जयभारत समानता पार्टी में चले गये और 2019 में कांग्रेस पार्टी में चले गये जहां उन्हें जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई. वर्ष 2015 में मालुका पंचायत से पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुने गये. 2019 में प्रखंड अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोनाराम सिंकू पर भरोसा जताते हुए जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और जीत दर्ज कराई. उस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और पूर्व सांसद गीता कोड़ा भी कांग्रेस में थे. और कोड़ा दंपति ने सोनाराम सिंकू को विधानसभा तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी.


लेकिन समय के साथ पांच वर्षों में विधायक सोनाराम सिंकू क्षेत्र में लोकप्रियता बन गए. इधर कांग्रेस छोड़ कोड़ा दंपत्ति भाजपा में चले गए. लेकिन सोनाराम सिंकू आज भी कांग्रेस की जड़ें जगन्नाथपुर में मजबूत करने का काम कर रहे हैं. विधायक सोनाराम सिंकू क्षेत्र के लोगों की पहली पसंद बने गया हैं जिससे कोड़ा दंपत्ति को ही खतरा नजर आने अलग है. विधायक सोनाराम सिंकू का भी कहना है कि जिस तरह लोगों ने उन पर भरोसा किया है, वे उनकी उम्मीदों को कभी नहीं तोड़ेंगे और न ही दल बदल कर दूसरी पार्टी में जायेगें. कांग्रेस में हैं कांग्रेस में रहेगें और जनता का विश्वास ही उन्हों दोबारा विधानसभा पहुंचायेगा. 


उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि राजनीति में उनका कोई गॉडफादर नहीं है और न ही वे कोड़ा दंपति के इशारे पर चलते हैं. उन लोगों ने तो आदिवासी सामाज को छोड़ भगवा धारण कर लिया, जिसके चलते गीता कोड़ा को पिछले लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनका सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा के साथ ही होगा और वे लोकसभा चुनाव की तरह ही विधानसभा चुनाव में भी भारी मतों से हारेंगी.


जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकू ने कहा की जनता ही सब कुछ है. उनका हमेशा ही प्रयास रहा है कि क्षेत्र की जनता को अधिक से अधिक विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले. आर्थिक नाकेबंदी के आंदोलन से उभरे जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकू दूसरी बार भाजपा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे. 


 

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