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संताली में राष्ट्रपति ने गाया 'जाहेर आयो' गीत, आदिवासी हुए भावुक, तो पैदल चल कर लोगों से मिलीं,बच्चों के बांटी टॉफी, जीता सबका दिल  

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 29 दिस॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

 न्यूज डेस्क

जमशेदपुर ( JAMSHEDPUR ) : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अपने दो दिवसीय झारखंड दौरे के क्रम में सोमवार को जमशेदपुर के करनडीह पहुंची. जहां राष्ट्रपति दिशोम जाहेर, करनडीह, जमशेदपुर में आयोजित 22 वां संताली  "परसी महा " एवं ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में सम्मिलित हुई. यहां उन्होंने जाहेरथान में विधिवत पूजा-अर्चना की और पंडित रघुनाथ मुर्मु की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद थे. इसके बाद सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर स्थित एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित होने वाले 15वें दीक्षांत समारोह में भी शामिल हुईं.

 जाहेर थान में पूजा-अर्चना के बाद संताली में गीत गाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जाहेर थान में पूजा-अर्चना के बाद 'जाहेर आयो' (जाहेर माता) गीत भी गया. राष्ट्रपति ने जाहेरथान समिति और ऑल इंडिया रायटर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित ओलचिकी लिपी के सौ वर्ष पूरे होने के समापन कार्यक्रम का विधिवत रूप से शुभारंभ कियाओ ओलचिकी लिपि के क्षेत्र में योगदान देने वाले साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. राष्ट्रपति ने पंडित रघुनाथ मुर्मु के योगदान की सराहना करते हुए संताली भाषा में संबोधित किया.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और संताली समाज के लोग शामिल हुए.


 जनजातीय समाज का सजीव उत्सव

इस अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने राष्ट्रपति का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की भाषा, संस्कृति, कला और अस्मिता का सजीव उत्सव है। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संताली भाषा में अपने संबोधन में झारखंड की धरती पर राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए ओलचिकी लिपि के विकास के लिए पंडित रघुनाथ मुर्मू के प्रयासों की सराहना की।

एनआईटी के दीक्षांत समारोह में भी शामिल हुईं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर स्थित एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित होने वाले 15वें दीक्षांत समारोह में भी शामिल हुईं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दौरे को लेकर सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए थे. लेकिन सरायकेला के आकाशवाणी चौक के पास अचानक राष्ट्रपति ने अपनी गाड़ी से उतर गई और प्रोटोकॉल से हटकर सड़क किनारे खड़े लोगों से बड़ी आत्मीयता के साथ संवाद कर सबका दिल जीत लिया. लगभग आधा किलोमीटर तक पैदल चलकर राष्ट्रपति मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन किया, जिससे लोग भावुक हो गए. राष्ट्रपति ने इस दौरान वहां मौजूद बच्चों के बीच टॉफियां भी बांटी. उस समय अपने बीच देश के राष्ट्रपति को देख कर लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया और भारत माता की जय और जय श्री राम के नारों से वातावरण गुंज उठा.

 

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