
सारंडा-पोड़ाहाट जंगल में बेखौफ घूम रहे तीन हिंसक हाथी, डर और दहशत में हैं जंगल के लोग, तीनों हाथी को खोज नहीं पाए हैं वनकर्मी, फिर क्या कर रहा है विभाग ? जानिए खबर में
जन. 8
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न्यूज डेस्क
चाईबासा ( CHAIBASA) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जंगलों में सीरियल किलर हाथी के लगातार बढ़ते आतंक के मद्देनजर अब जिला प्रशासन और वन विभाग सक्रिय हो गयी है. यमराज बनकर घूम रहे इस गजराज ने एक सप्ताह में 16 लोगों की जान ले चूका है. जबकि करीब 8 लोग घायल हुए हैं. आक्रामक हाथी को पकड़ना तो दूर वन विभाग की टीम अभी तक उसे खोज भी नहीं पाई है.
हाथी के हमले से लोगों की लगातार हो रही मौत के बाद वन विभाग के पदाधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं. वन विभाग के पीसीसीएफ आशुतोष उपाध्याय और आरसीसीएफ स्मिता पंकज चाईबासा पहुंच कर कैम्प कर रहे हैं. उन्होंने चाईबासा वन प्रमंडल के हाटगम्हरिया क्षेत्र का भ्रमण किया. फिलहाल हाथी के इसी क्षेत्र में होने की सूचना है. क्षेत्र भ्रमण के बाद दोनों पदाधिकारी चाईबासा पहुंचे और पदाधिकारियों से अब तक किए गए रेस्क्यू के बारे में जानकारी ली.

हाथी को खोजने के लिए बंगाल,उड़ीसा टीम पहुंची
पत्रकारों से बात करते हुए पीसीसीएफ आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि चाईबासा और पोड़ाहाट दोनों वन प्रमंडल में कुल 7 क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय किया गया है. स्थानीय वन समितियों को भी सक्रिय कर हिंसक हाथी के खोज और ट्रेसिंग में लगाया गया है. हाथी का लोकेशन पता चलते ही उसे ट्रेंकुलाइज करके ट्रांसलोकेट करने की योजना है. इस कार्य में सहायता के लिए उड़ीसा और बंगाल से भी टीम को बुलाया गया है. वहीं वनतारा की टीम भी पहुंच रही है.
जंगली जानवरों के रेस्क्यू और फैसिलिटी सेंटर बनाने की योजना
उन्होंने कहा कि एक हफ्ते में 16 लोग हाथी के हमले में मारे गए हैं. लेकिन यह कह पाना मुश्किल है कि यह एक ही हाथी ने किया है. क्योंकि इस ईलाके में कुल 3 हाथी हैं, जो की अकेले जंगल में घूम रहे हैं. हाथी का इस तरह का हिंसक व्यवहार वन विभाग के लिए भी आश्चर्य बना हुआ है. अमूमन हाथी इतना हिंसक नहीं होते हैं. उन्होंने वर्तमान हालात से सबक लेते हुए कहा की आने वाले दिनों में झारखण्ड के 6 रीजियन में जंगली जानवरों के रेस्क्यू और फैसिलिटी सेंटर बनाने की योजना है. ताकि सही समय पर जंगली जानवरों का बचाव कर उसे सुरक्षित रखा जा सके.
एक हफ्ते के अन्दर हाथी को पकड़कर दूसरी जगह किया जाएगा शिफ्ट
पीसीसीएफ ने कहा कि जल्द ही हाथी को खोज लिया जाएगा और इसके बाद उसे घने जंगल में छोड़ा दिया जाएगा या फिर सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा. हाथी के ऐसे घातक हिंसक व्यवहार के पीछे का कारण क्या है, इस सवाल के जवाब में पीसीसीएफ ने कहा कि हाथी के पकड़ में आने के बाद ही इसका सही जवाब मिल सकता है. लेकिन इतना कहा जा सकता है कि जंगल में हाथियों को विचरण में हो रही दिक्कत और झुण्ड से बिछड़ने के कारण काफी में गुस्से में हो सकते हैं. पीसीसीएफ ने कहा है कि एक हफ्ते के अन्दर हाथी को पकड़कर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जायेगा.











