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हेमंत मंत्रिमंडल में कहां फंसा हैं पेंच, कौन-कौन विधायक मंत्री बनने की हैं रेस में, पढ़िए खबर में

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 2 दिस॰ 2024
  • 3 मिनट पठन

 



 TVT NEWS DESK

रांची ( RANCHI) :  इंडी गठबंधन को विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत मिली, झामुमो को 34, कांग्रेस को 16 और राजद को 4 और माले को 2 सीटों पर जीत मिली, इसके बावजूद हेमंत सोरेन को 28 नवंबर को अकेले ही शपथ लेनी पड़ी, इसका प्रमुख कारण मंत्री के नामों पर फैसला नहीं हो सका. झामुमो,कांग्रेस और राजद तीनों दल में मंत्री पद को लेकर मामला फंसा है, गठबंधन के तय मानक के अनुसार झामुमो से सीएम के अलावा 6 मंत्री, कांग्रेस से 4 मंत्री, राजद से 1मंत्री पद मिलना है, माले ने मंत्रिमंडल में शामिल होने से इंकार कर दिया है.

 

 झामुमो में तीन चेहरे तय, तीन पर संस्पेंस बरकरार

विधानसभा चुनाव में इंडी गठबंधन में झामुमो सबसे बड़ा दल बन कर फिर से उभरा है. हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ही गठबंधन को जीत मिली है, इसलिए मुख्यमंत्री का पद झामुमो के पास ही है. इसके आलावा झामुमो को 6 मंत्री पद भी मिलेगा. लेकिन झामुमो में मंत्री पद के दावेदारों की लंबी सूची है. पुरानी सरकार के तीन पुराने चेहरे में रामदास सोरेन,दीपक बिरुआ, और हफीजुल अंसारी का मंत्रिमंडल में जगह लगभग तय माना जा रहा है. जबकि तीन मंत्री पद के लिए कई दावेदार हैं. जिसमें सुदिव्य कुमार सोनू, मथुरा महतो, लुईस मरांडी, उदय सिंह उर्फ चुन्ना सिंह, सविता महतो के नाम की चर्चा है. स्टीफन मरांडी फिलहाल प्रोटेम स्पीकर बनें हैं, लेकिन माना जा रहा है कि उनके अनुभव और वरीयता को देखते हुए मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जगह मिल सकती है. दूसरी तरफ रवींद्र महतो के स्पीकर बनने की संभावना है, ऐसे में मथुरा महतो को भी महतो वोट साधने के लिए मंत्री बनाया जा सकता है. मिथिलेश ठाकुर की जगह सारठ के विधायक उदय सिंह उर्फ चुन्ना सिंह के नाम की भी चर्चा है. एक और संभावना बन रही है कि माले के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने की घोषणा 12 वां पद खाली हो गया है जिससे बसंत सोरेन को मौका मिल सकता है.   

 

राजद में भी एक पद पर तीन दावेदार

विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के 04 विधायक जीत कर आएं हैं. राजद दो मंत्री पद की मांग कर रहा है, लेकिन उसे एक ही पद से संतुष्ठ करना पड़ेगा. लेकिन दावेदार तीन हैं. जिसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, पूर्व मंत्री सुरेश पासवान और गोड्डा से संजय प्रसाद सिंह यादव में से किसी एक को इस बार मंत्री बनने का मौका मिले. 

 

 

कांग्रेस में नये-पुराने कई चेहरे जता रहे दावेदारी

कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार वाली कहावत हो रही है. कांग्रेस के कोटे से सिर्फ चार को ही मंत्री बनाया जाना है, लेकिन कई विधायक मंत्री बनने के लिए जी-तोड़ प्रयास कर रहे हैं. पुराने चेहरों में रामेश्वर उरावं,इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय सिंह पहले से दावोदारों में शामिल हैं. जबकि नए चेहरों में प्रदीप यादव, अनूप सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, नमन विक्सल कोंगाडी, भूषण बाड़ा, निशात आलम दावेदारों में शामिल है. लेकिन कांग्रेस जातीय और क्षेत्रीयता को आधार बना कर मंत्री के नाम तय करना चाहती है. जानकारी के मुताबिक बन्ना गुप्ता की जगह ओबीसी कोटे से प्रदीप यादव का नाम आगे है, वहीं सवर्ण जाति में दीपिका पांडेय और अनूप सिंह के बीच पेंट फंसा है, जबकि दलित कोटे से राधा कृष्ण किशोर भी दावा कर रहे हैं, वहीं ईसाई कोटे से मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, कोलेबिरा विधायक नमन विकास कोंगाड़ी, सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, दावेदारी कर रहे हैं. सबसे अधिक चर्चा इरफान अंसारी और आलमगीर आलम की पत्नी निशात आलम को लेकर है. आलमगीर आलम के जेल जाने के बाद इरफान को मंत्री बनने का मौका मिला था, लेकिन आलमगीर पत्नी निशात आलम सबसे अधिक मतों से जीत कर आई है और आलमगीर आलम खुद पैरवी कर रहे हैं.

 

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