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जहाँ होती थी अफ़ीम की खेती, वहां लहलहा रहा सरसों की फसल,एसपी का प्रयास ला रहा रंग

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 27 नव॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

चतरा ( CHATRA) : चतरा जिला अंतर्गत प्रतापपुर थाना क्षेत्र के जोगीयारा पंचायत के ग्राम लिदिक  में एक समय था जब पोस्ता की खेती बृहद पैमाने पर की जाती थी और आज का समय है, जब इसी क्षेत्र में सरसों के पौधे लहलहा रहे हैं. जिला पुलिस अधीक्षक चतरा सुमित कुमार अग्रवाल के निर्देश पर लगातार अफीम की खेती विनष्ट करने तथा अफीम से होने वाले दुष्परिणाम के विषय में  समाज को जागरूक करने का मुहिम चलाया जा रहा है. इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए,   प्रतापपुर पुलिस के द्वारा प्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न गाँव मे जाकर जागरूकता अभियान  चलाया जा रहा है.

 इस क्रम में प्रतापपुर पुलिस के द्वारा जोगियारा पंचायत भवन के पास जागरूकता अभियान चलाया गया तथा लोगों को अफीम के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया.  साथ ही अफीम प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया गया जहां पर वर्तमान में लोग अफीम की जगह पर सरसों की खेती करते हुए दिखाई दिए तथा लोगों ने बताया कि पूर्व में यहाँ अफीम की खेती होती थी. परंतु इससे हमारा ही नुकसान होने लगा हमारे विरुद्ध केस भी हो गया, इससे हमारा समाज भी  पिछड़ने लगा, हम लोग अब  नशे की खेती को छोड़कर , शांति  से अब सरसों की खेती कर रहे हैं.

 पुलिस अधीक्षक के द्वारा नशे की खेती करने एवं करवाने वालों को सख्त हिदायत दिया गया है कि वह गलत कार्य को छोड़कर मुख्य धारा में लौट आए, तथा वैकल्पिक खेती प्रारंभ करें. उन्हें बताया गया कि अफीम कि खेती करने से फसल लगाये गए भूमि पर अन्य कोई फसल नही हो पाती है इस पर सरकार द्वारा भी पुर्णतः रोक लगाया गया है. इसके सेवन से नशे की लत लग जाती है तथा मानसिक एवं शारीरिक नुकसान पहुंचता है.

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