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बिहार में किसकी बनेगी सरकार, सीएम की दौड़ में सम्राट, चिराग, तेजस्वी में कौन आगे या फिर से नीतिशे कुमार , पढ़िए जारी ताजा सर्वे की रिपोर्ट

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 18 जुल॰ 2025
  • 3 मिनट पठन



उपेंद्र गुप्ता

 

रांची  ( RANCHI ) : बिहार में अभी चुनाव की तारीखों का एलान नहीं हुआ है, लेकिन सियासी पूरा उफान मार रहा है, लगभग सभी राजनीतिक दल पूरे जोर-शोर से जनता के बीच अपनी पैठ बनाने में जुटे हैं. मुख्य मुकाबला एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच ही है. इस बार मुद्दे पिछली बार से थोड़ा हट कर है, नीतिश कुमार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष पूरी तरह से हमलावर है, तो एनडीए में भी नीतिश की सीएम पद की उम्मीदवारी को लेकर कई राय सामने रहे हैं, खास कर लोजपा रामबिलास के चिराग पासवान खुल कर नीतिश पर हमले कर रहे हैं. इन सब के बावजूद भाजपा और पीएम मोदी नीतिश कुमार के समर्थन में खड़े हैं.



पीएम मोदी का चुनाव से पहले बिहार का 6ठा दौरा

बिहार में जीत के लिए पीएम मोदी खुद कड़ी मेहनत कर रहे हैं, इस साल ही इनका बिहार में शुक्रवार को 6ठा दौरा रहा. अपने हर दौरे में पीएम मोदी बिहार को करोड़ों-अरबों की सौगत दे रहे हैं. पीएम मोदी नीतिश कुमार को अपना लाड़ला मुख्यमंत्री बता चुके हैं, इसलिए भाजपा की ओर कोई नेता नीतिश कुमार के चेहरे पर सवाल नहीं खड़ा कर रहा है. लेकिन जनता के बीच उनकी छवि मौजूदा समय में कैसी है और सीएम के रूप में वे कितने पसंद किए जा रहे हैं, इसको लेकर एक सर्वे आया है. जिसमें बिहार में चुनाव से पहले लोगों की राय को शामिल किया गया है.  


 

बिहार में एनडीए की सरकार बनना तय


ताजा सर्वे में बिहार में एनडीए की सरकार बनने की संभावना जताई गई है. बिहार के करीब 49 फीसदी लोगों ने एनडीए सरकार का समर्थन किया है . जबकि महागठबंधन को सिर्फ 36 फीसदी लोगों का ही समर्थन मिला है. यानी भाजपा और जदयू का गठबंधन चुनावी मैदान में आगे दिख रहा है. बिहार में पिछले कुछ सालों से जिस तरह विकास कार्य हो रहे हैं, उसका लाभ एनडीए को मिलता दिख रहा है, पीएम मोदी और केंद्र सरकार बिहार में सड़क,बिजली,रोजगार के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, जिसका चुनाव में लाभ मिलना तय माना जा रहा है. वहीं नीतिश कुमार भी बिहार की जनता को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, हाल ही में 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा कर नीतिश ने विपक्ष की नींद उड़ा दी है. इन्हीं कारणों से बिहार की जनता फिर से एनडीए की सरकार का समर्थन कर रही है, ताकि अगले पांच साल भी विकास कार्य में कोई रूकावट नहीं है.




सीएम चेहरे के रूप के पहली पसंद नहीं हैं नीतिशे कुमार

नीतिश कुमार पिछले बीस साल से बिहार में सीएम की कुर्सी पर विराजमान है. 2005 से पहले बिहार में जंगलराज की समाप्ति कर जिस तरह नीतिश कुमार बिहार में कानून व्यवस्था ठीक किया, उसके बाद उन्हें लोग सुशासन बाबू के नाम से संबोधित करने लगे, सीटें कम होने के बावजूद सीएम के रूप में पहली पसंद रहे, लेकिन इधर कुछ सालों से उनकी लोकप्रियता में कमी आई है और पांचवी बार उनके सीएम बनने को लेकर संदेह हैं. सीएम की पहली पसंद के रूप में नीतिश कुमार से अधिक तेजस्वी यादव हैं. हालांकि दोनों में अंतर काफी कम है. तेजस्वी को 38 फीसदी और नीतिश कुमार को 36 फीसदी लोग सीएम के तौर पसंद कर रहे हैं. जबकि चिराग पासवान को 5 फीसदी और सम्राट चौधरी को सिर्फ 2 फीसदी लोगों ने ही सीएम के रूप में पसंद किया है.   

 

 

 

 

 

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