
AIMIM से क्यों डर लग रहा MY को ? इंडी गठबंधन में ओवैसी की “इंट्री” पर क्यों चुप हैं तेजस्वी ? जानिए खबर में
21 सित. 2025
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न्यूज डेस्क
पटना ( PATNA) : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बिहार में अपनी जमीन माई (MY) समीकरण के माध्यम से ही मजबूत ऱखी थी. लालू यादव भले ही पिछड़ों की बात करते है, पर उनका फोकस केवल मुस्लिम और यादव बैंक को ही साधने में रहा है. अब उनके बेटे तेजस्वी यादव माई समीकरण पर ही राजनीति कर रहे हैं. लेकिन हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) भी अपनी पैठ बिहार में लगातार बढ़ा रहा है और ओवैसी का तो पूरा फोकस मुस्लिम वोट पर ही हैं और वे चाहते हैं कि इंडी गठबंधन में अपनी पार्टी को शामिल हो, लेकिन तेजस्वी यादव ऐसा नहीं चाहते हैं.
बिहार के सीमांचल में ओवैसी का बड़ा जनाधार
बिहार में सीमांचल के चार जिलों की 24 सीटें मुस्लिम बहुल क्षेत्र माना जाता हैं. पूर्णिया में मुस्लिम आबादी 38 प्रतिशत, कटिहार में 44 प्रतिशत, अररिया में 43 प्रतिशत और किशनगंज में करीब 68 प्रतिशत है. इस इलाके में 2020 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने अपना दबदबा कायम किया और पांच सीटें जीती. जबकि NDA ने 12 सीटों पर कब्जा जमाया और महागठबंधन ने 7 सीटें जीतीं. हालांकि बाद ओवैसी के पार्टी के चार विधायक राजद में शामिल हो गए. मतलब साफ है कि सीमांचल में मुस्लिम वोटों का बंटवारा हुआ और ओवैसी को लाभ मिला. इसलिए ओवैसी चाहते है कि इंडी गठबंधन में उनकी पार्टी के साथ गठबंधन किया जाए,जिससे मुस्लिम वोटों का बंटवारा रोका जा सकें और भाजपा को लाभ नहीं मिलें, लेकिन तेजस्वी ओवैसी के बातों से सहमत नहीं है.

क्यों डर रहे हैं ओवैसी से तेजस्वी यादव
राजद नेता तेजस्वी यादव को डर है कि यदि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को महागठबंधन में शामिल किया जाता है तो भाजपा इसका फायदा उठा सकती है. भाजपा इस चुनाव को हिंदू बनाम मुस्लिम के रूप में पेश कर सकती है, क्योंकि ओवैसी सिर्फ मुस्लिमों की करते है. इसलिए बीजेपी धार्मिक आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण कर अपने पक्ष में माहौल बना सकती है. यही वजह है कि राजद ओवैसी की पार्टी AIMIM को महागठबंधन में शामिल करने से बच रही है.
दूसरी तरफ तेजस्वी को यह भी डर है कि अगर ओवैसी की पार्टी को सीमां चल में जगह दी गई तो आने वाले समय में वह अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में भी सीटों की मांग करेगी. तेजस्वी किसी कीमत पर मुस्लिम वोट बैंक में दूसरी पार्टी की सेंधमारी नहीं चाहते हैं. मुस्लिम वोट पर तेजस्वी पूरी तरह अपना एकाधिकार कायम रखना चाहते हैं. यहीं कारण है कि ओवैसी के लगातार प्रयास और संपर्क करने के बावजूद तेजस्वी मैन धारण किए हे हैं.
राबड़ी आवास पर AIMIM का प्रदर्शन
कुछ दिनों पहले AIMIM को इंडी गठबंधन में शामिल कराने के लिए प्रदेश अध्यक्ष व एकमात्र विधायक अख्तरुल ईमान गाजे-बाजे के साथ राबड़ ी आवास पहुंचे थे. उन्होंने वहां नारा लगाया था- तेजस्वी यादव कान खोल, महागठबंधन के लिए दरवाजा खोल. उनका कहना था, हम तेस्वी यादव के कान इसलिए खोलना चाहते हैं कि ताकि भाजपा और उसके समर्थकों को सत्ता में आने से रोका जाए. हम इसलिए ढोल-बाजा साथ लेकर गये ताकि हमारी आवाज उनकी बंद कानों तक पहुंचे. फिर भी तेजस्वी के कान अब तक नहीं खुला है.











