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पागल की तरह गांवों में क्यों घूम रहा दतैंल हाथी, कब ,कहां और कितने लोगों को कुचला, क्या कर रहा वन विभाग ? क्यों सतर्क हुआ रेलवे,पढ़िए सारी खबरें  

जन. 7

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 न्यूज डेस्क

चाईबासा ( CHAIBASA) : पश्चिमी सिंहभूम जिले में सारंडा-कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगलों में एक दतैंल विशालकाय हाथी का आतंक जारी है. जिसने अब तक जिले के चाईबासा, गोइलकेरा और नोवामुंडी प्रखंड के 12 लोगों को कुचल कर मार डाला है, आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर हालात में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती है. जिससे इन इलाकों मेंभारी दहशत कायम है. मारे गए परिवारों में मातम छाया है.

आबादी वाले क्षेत्र में जंगली हाथी लगातार भ्रमण कर रहे हैं. लेकिन वन विभाग पूरी तरह शिथिल और लापरवाह बना हुआ है.

हालांकि कुछ रिपोर्टों में 18 लोगों के मारे की जाने की खबर है. इतने लोगों के मारे जाने के बाद वन विभाग अब हरकत में आया है. वन विभाग की लापरवाही के कारण निर्दोष मारे गए और आधा दर्जन से अधिक घायल हैं. वन विभाग पहले से सतर्क होता तो इतने निर्दोष लोगों की जानें नहीं जाती. वन विभाग मुआवजा देकर अपने जिम्मेवारी से बचने की कोशिश कर रहा है. इधर सारंडा-पोड़ाहाट इलाके में हाथियों के भ्रमण को देखते हुए रेलवे सतर्कता बरतते हुए कई ट्रेनों के परिचालन को रद्द कर दिया है.    

 एक ही परिवार के चार लोगों समेत 6 की मौत

जिले के नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र के जेटेया थाना अंतर्गत मंगलवार की रात जंगली हाथी के उपद्रव ने पूरे इलाके को दहला दिया. हाथी ने बवाडिया गांव के पांच ग्रामीणों और बडापासेया गांव के एक व्यक्ति को कुचलकर मार डाला. मृतकों में बवाडिया गांव के चार लोग एक ही परिवार के हैं, जिससे गांव में मातम पसरा हुआ है.इस घटना में चार अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सोमवार को तीन लोगों को हाथी ने कुचल कर मारा

एक दिन पहले ही गोईलकेरा प्रखंड में सोमवार रात एक जंगली हाथी के हमले में एक व्यक्ति और उसके दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी एक बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार एक लकड़ी की झोपड़ी में रह रहा था. सोमवार देर रात अचानक एक जंगली हाथी जंगल से निकलकर झोपड़ी के पास पहुंच गया और हमला कर दिया. हाथी ने झोपड़ी को नुकसान पहुंचाते हुए अंदर मौजूद परिवार पर हमला किया, जिसमें पिता और उसके दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान कुंद्रा बहांडा, कोडामा बहांडा और सामू बहांडा के रूप में की गई है.  एक अन्य बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए गोईलकेरा ले जाया गया. हालत नाजुक होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए ओडिशा के राउरकेला स्थित अस्पताल रेफर किया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है.

पिछले गुरूवार को तीन लोगों को हाथियों ने कुचला

पिछले सप्ताह गुरुवार को चाईबासा के वन प्रमंडल के रोरो जंगल में देर रात हाथी के हमले से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. विष्णु सुंडी (57), मंगल सिंह हेंब्रम (35) हुरदुप बहंदा (63),के रूप में पहचान की गई है. यह घटनाएं चाईबासा DFO डीएफओ  आदित्य नारायण के अनुसार एक जंगली दंतैल हाथी झुंड से अलग होकर संवेदनशील इलाकों में भटक रहा था. इसी दौरान उसने अलग-अलग स्थानों पर ग्रामीणों को कुचल दिया.

 हाथियों के भ्रमण को देख रेलवे हुआ सतर्क

सारंडा-पोड़ाहाट के जंगलों में हाथियों के भ्रमण को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल सतर्क हो चुका है.  विभिन्न रेलखंडों पर हाथियों के आतंक और लगातार आवाजाही के कारण रेल परिचालन प्रभावित हुआ है. यात्रियों और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने 07 से 09 जनवरी 2026 तक कई महत्वपूर्ण पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है।टाटानगर–बड़बिल–टाटानगर, चक्रधरपुर–टाटानगर–खड़गपुर, टाटानगर–गुआ–टाटानगर शामिल है। इसके अलावा टाटानगर–राउरकेला–टाटानगर,झारसुगुड़ा–हटिया–झारसुगुड़ा और बीरमित्रपुर–बरसूहन–बीरमित्रपुर पैसेंजर शामिल है.

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